नई शिक्षा नीति क्या है?

Introduction से समझने का प्रयास करते हैं कि Education  क्या है? इसके साथ ही हम  समझेंगे कि एजुकेशन पॉलिसी क्या है?


शिक्षा:-

मानव की पूर्ण क्षमता तथा न्याय पूर्ण तथा न्याय संगत विकास समाज राष्ट्रीय विकास को बढ़ावा देना शिक्षा का मुख्य उद्देश्य है एक अच्छी शिक्षा Universal पहुंच प्रदान करती है।


भारत के निरंतर चढ़ाई की कुंजी और आर्थिक विकास के मामले में वैश्विक मंच पर नेतृत्व सामाजिक  न्याय और समानता, वैज्ञानिक उन्नति, राष्ट्रीय एकीकरण और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए एक अच्छी शिक्षा विकास के लिए एक बड़ा योगदान है  उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा हमारे देश  के भविष्य का निर्धारण करेगी दुनिया शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रहा है दुनिया में कई कुशल  नौकरियों को मशीनों द्वारा लिया जा सकता है जिसमे मानव को और कुशल होने की आवश्यकता है मानविकी और कला की बढ़ती मांग होगी शिक्षा नीति प्रत्येक मानव की रचनात्मक क्षमता के विकास पर विशेष जोर देती है


आसान भाषा में समझते हैं कि शिक्षा नीति क्या है?

राष्ट्रीय शिक्षा  नीति भारत के लोगों के बीच शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई नीति है यह नीति प्राथमिक शिक्षा को ग्रामीण और शहरी दोनों को भारत  के कॉलेजों में शामिल करती है


शिक्षा नीति में बदलाव का इतिहास:-

पहला शिक्षा  नीति भारत सरकार द्वारा 1969 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा दूसरा 1986 में  प्रधानमंत्री  राजीव गांधी द्वारा तथा तीसरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2020  में बनाए जा रहा है


Note:-1986 वाले राष्ट्रीय नीति में  कुछ थोड़ा बदलाव P.V NARASIMHA RAO सरकार के द्वारा की गई थी1986/92 बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा अधिनियम 2009 का अधिकार दिया गया है


अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बनाए गए शिक्षा प्रणाली पर नजर डालते हैं:-

शिक्षा प्रणाली का उद्देश्य तर्कसंगत सोच रखने में सक्षम दया और सहानुभूति रखने, साहस और लचीलापन, वैज्ञानिक स्वभाव और रचनात्मक कल्पना, ध्वनि नैतिक वाले अच्छे मनुष्यों को विकसित करना है

नीचे दिए गए कुछ मूलभूत  शिक्षण प्रणाली कुछ इस प्रकार है कि:-

  • प्रत्येक छात्र की अद्वितीय क्षमताओं को पहचानना और उन्हें बढ़ावा देना छात्रों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों को भी संवेदनशील बनाना

  • लचीलापन ताकि शिक्षार्थियों को अपने सीखने के  प्रक्षेपवक्र (Trajectories) और कार्यक्रम को चुनने की क्षमता हो ताकि वह अपने जीवन में अपनी प्रतिभा और रुचि से अपने रास्ते खुद चुन सकें

  • पाठ्यक्रम और पाठ्येतर(Curricular and Extra Curricular) के लिए कला और विज्ञान के बीच कोई कठिन अलगाव नहीं  होगा  व्यावसायिक और शैक्षणिक Stream के बीच Harmfull Activities को खत्म किया जाएगा

  • छात्रों को सभी विषयों पढ़ने की छूट मिलेगी जिसमें विज्ञान वाले छात्र सामाजिक विज्ञान  भी पढ़ सकेंगे

  • परीक्षा के लिए रट्टा मार कर सीखने के बजाय वैचारिक सोच (Conceptual understanding) पर ध्यान दिया जाएगा

  • बच्चों के बीच Decision-making innovation create किया जाएगा  जिससे बच्चे  तार्किक निर्णय ले सके

  • नैतिकता और मानव संवैधानिक मूल्य जैसे सहानुभूति, दूसरों के लिए सम्मान, स्वच्छता, शिष्टाचार,लोकतांत्रिक भावना, सेवा की भावना, सार्वजनिक संपत्ति का सम्मान, वैज्ञानिक स्वभाव,

    स्वतंत्रता, जिम्मेदारी, बहुलवाद, समानता और न्याय

  • बचपन की देखभाल से शिक्षा के सभी स्तरों पर पाठ्यक्रम में तालमेल




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